टायर का रखें विशेष ख्याल

“कार के टायर कब बदलना चाहिए” यह सवाल हमसे अकसर पूछा जाता है। टायर कार का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसके रखरखाव के प्रति किसी भी प्रकार इन अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। पाठकों की मांग पर इस लेख में हम कार के टायर से सम्बंधित विभिन्न जानकारियां साझा करेंगे, हिंदी भाषा में इस विषय पर बहुत ही कम जानकारियां उपलब्ध है, ऐसे में भारतीय होने के नाते हमारा दायित्व और बढ़ जाता है।

टायर के रखरखाव से सम्बंधित विभिन्न जानकारियां तो सरलता से उपलब्ध है परन्तु टायर कब बदलना है, इस बात का ठीक ठीक अनुमान लगाना तो बहुत मुश्किल है परन्तु विभिन टायर निर्माताओं द्वारा जारी दिशानिर्देशिका (Guidelines) इस सन्दर्भ में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करती है। इस लेख के माध्यम से हम दोनों विषयों पर प्रकाश डालेंगे।

टायर की उम्र

अगर आपके द्वारा उपयोग में लाये जा रहे टायर 5 वर्ष (5 Years) से अधिक पुराने है, तो आपको साल में कम से कम दो बार किसी पेशेवर (Professional) से टायर की जांच अवश्य करवानी चाहिये।

और अगर आपके द्वारा इस्तेमाल में लाये जा रहे टायर 10 वर्ष (10 Years) से अधिक पुराने है तो उन्हें तुरंत बदल देना चाहिए।

बार-बार पंचर होने पर

अगर आपके द्वारा उपयोग में लाया जा रहा टायर बार – बार पंचर होता है तो उसे तुरंत ही बदल देना चाहिए। बहुत से कार भले ही वह बहुत कम घीसा हुआ हो। ऐसा टायर मुश्किल सड़क यात्रा में फट सकता जो जानलेवा सिद्ध हो, ऊबड़-खाबड़ (Uneven Terrain) ढलानों पर ऐसी संभावना बहुत अधिक होती है।

सेकंड हैंड टायर

ग्रामीण अंचल में सेकंड हैंड टायर (Used Tyre)का उपयोग बहुत प्रचलित है और ऐसे टायर का उपयोग जान और माल की हानि होने की संभावना को बहुत अधिक बढ़ा देता है। सेकंड हैंड टायर का उपयोग किसी प्रकार की बेहद आपातकाल की स्तिथि में ही करें और गंतव्य पर पहुँच कर इसे तुरंत नये टायर से बदल लेना चाहिए।

हवा का दबाव

टायर के रखरखाव और जांच में हवा का दबाव अत्यंत महत्वपूर्ण है, किसी टायर में कम वायुदाब (Air Pressure) और किसी में अधिक होने पर कार का वज़न सामान रूप से विभाजित (Distribute) नहीं हो पाता और टायर को नुकसान पहुंचता है । ऐसी स्तिथि में गर्म मौसम के दौरान टायर बहुत जल्दी ख़राब हो सकता है। अगर हवा भरने पर आपके कार के टायर बाहरी हिस्से पर या बीच में से फूल जाए या उभार दिखें तो आपको टायर तत्काल बदलने की आवश्यकता है।

विषम घिसाई (Uneven Wear)

टायर की विषम घिसाई का सबसे बड़ा कारण टायर के पंक्तिकरण (Wheel Alignment) में असमानता है, यह ऐसा करक है जो बहुत जल्द की नये टायर को अनुपयोगी बना देता है। अतः यह महत्वपूर्ण है की आप इसको नज़रअंदाज ना करें।

कितना कटा हुआ टायर इस्तेमाल किया जा सकता है

बहुत से कार मालिक टायर कटा हुआ होने पर भी उसका उपयोग करते रहते है, परन्तु यह गलती जानलेवा सिद्ध हो सकती है। विशेषज्ञों का यह मानना है की की टायर में 0.635 सेंटीमीटर कट लगा हुआ होने पर उसे तुरंत बदल लेना चाहिए।

टायर का स्थान बदलना

निश्चित अंतराल में टायर का स्थान बदलना (Tyre Rotation) बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यह टायर को घिसने से बचाता है। यह तकनीक इसलिए कारगर है क्यूंकि, कार में सफर करने वालों की संख्या कभी निर्धारित नहीं होती। हो सकता है कभी कार में आप अकेले हो या पूरे परिवार के साथ हों, ऐसे में टायर पर पड़ने वाला दबाव भी भिन्न भिन्न होता है।

टायर का वर्ग

यह ध्यान रखने योग्य है कि, उपयोग में लाये जा रहे टायर का वर्ग (Tyre Group) एक ही हो। अगर आपको कार का टायर बदलने की आवश्यकता है तो, जोड़े में टायर बदले और हमेशा ध्यान रखे की वे टायर एक ही वर्ग के हों। जिस से की वाहन का भार समान रूप से विभाजित हो सकेगा।

सावधानियां

कार चलते समय बार बार झटके से ब्रेक दबाना, गाड़ी की गति तो बार-बार तेज़ी से बढ़ाना और घटाना, टायर में बहुत अधिक हवा या कम हवा होने पर भी कार का उपयोग करना, कार की क्षमता से अधिक लोगों को बिठाकर (Overload) कार में सफर करना भी कार के टायरों को जल्द ही ख़राब कर सकता है।

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